देहरादून। उत्तराखंड में दलित समाज की आवाज़ को एक नई दिशा और मजबूती मिली है। राजेश सिंह राजा कोली ने आज उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य के रूप में विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। उनके इस दायित्व ग्रहण को राज्य में सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री का जताया आभार
कार्यभार संभालने के बाद श्री कोली ने पुष्कर सिंह धामी सहित शीर्ष नेतृत्व और अपने समर्थकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक साधारण दलित परिवार से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों का विषय है।
अंबेडकर के विचारों से प्रेरणा
अपने संबोधन में उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, समानता और न्याय की मिसाल है।
“सबको समान अधिकार और सम्मान मिले—यही मेरा संकल्प है।”
क्या है प्राथमिकता?
श्री कोली ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य होगा:
- अनुसूचित जाति समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना
- दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाना
- पीड़ित और शोषित वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना
उन्होंने यह भी कहा कि यह पद उनके लिए केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज सेवा का एक बड़ा अवसर है।
क्षेत्र में खुशी की लहर
पौड़ी गढ़वाल समेत पूरे क्षेत्र में उनके इस दायित्व ग्रहण को लेकर उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे जनपद के लिए गर्व का विषय बताया है।












