NEET 2026 Exam: देशभर में आज 21 जून को आयोजित हो रही री-नीट (Re-NEET 2026) परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में दाखिले का सपना लेकर परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीमित MBBS सीटें हैं। आंकड़ों के अनुसार, देश में एक सरकारी MBBS सीट के लिए औसतन 36 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है।
री-नीट 2026 के लिए देशभर में कड़े सुरक्षा इंतजाम
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। देशभर के परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों, जैमर और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की नकल या अनियमितता को रोका जा सके।
इस वर्ष परीक्षा के लिए भारत के 551 शहरों में 5,440 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा विदेशों के 14 परीक्षा केंद्रों पर भी परीक्षा आयोजित की जा रही है।
MBBS सीटों का गणित समझिए
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के आंकड़ों के अनुसार, देशभर के मेडिकल कॉलेजों में कुल 1,29,603 MBBS सीटें उपलब्ध हैं।
सरकारी मेडिकल कॉलेज
- कुल कॉलेज: 450
- MBBS सीटें: लगभग 63,160
निजी और डीम्ड मेडिकल कॉलेज
- कुल कॉलेज: 373
- MBBS सीटें: लगभग 66,443
हालांकि कुल सीटों की संख्या 1.29 लाख से अधिक है, लेकिन अधिकांश छात्र कम फीस और बेहतर अवसरों के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेजों को प्राथमिकता देते हैं।
एक सरकारी सीट पर 36 उम्मीदवारों की टक्कर
री-नीट 2026 में 22.79 लाख उम्मीदवार परीक्षा दे रहे हैं, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में केवल 63,160 सीटें उपलब्ध हैं। इस हिसाब से एक सरकारी MBBS सीट के लिए करीब 36 छात्रों के बीच सीधी प्रतिस्पर्धा है।
यही वजह है कि हर साल लाखों छात्र परीक्षा में शामिल होने के बावजूद सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं पा पाते हैं।
95 हजार कमरों में होगी परीक्षा
NTA के अनुसार, परीक्षा का आयोजन 95 हजार से अधिक कमरों में किया जा रहा है। निगरानी के लिए:
- 1,38,560 CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
- 51,311 जैमर तैनात किए गए हैं।
- परीक्षा केंद्रों पर सख्त पहचान सत्यापन और सुरक्षा जांच की व्यवस्था की गई है।
12 भाषाओं में आयोजित हो रही परीक्षा
NEET 2026 परीक्षा अंग्रेजी सहित 12 भारतीय भाषाओं में आयोजित की जा रही है, जिससे विभिन्न राज्यों के छात्रों को अपनी भाषा में परीक्षा देने का अवसर मिल सके।
NEET 2026 देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। 22.79 लाख से अधिक उम्मीदवारों और सीमित सरकारी MBBS सीटों के कारण इस बार भी प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी रहने वाली है। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का सपना पूरा करने के लिए छात्रों को न केवल परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करना होगा, बल्कि कट-ऑफ की चुनौती भी पार करनी होगी।











