Retail Inflation India : त्योहारी सीजन से पहले महंगाई ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सितंबर 2026 में देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि अगस्त में यह 4.82 प्रतिशत दर्ज की गई थी। खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में तेजी इसका प्रमुख कारण रही। प्याज, अदरक, लहसुन और नींबू के बढ़ते दामों ने आम परिवारों के रसोई बजट पर दबाव बढ़ा दिया है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के जारी अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में खुदरा महंगाई दर सालाना आधार पर 5.54 प्रतिशत रही। वहीं, खाद्य महंगाई दर बढ़कर 7.74 प्रतिशत पर पहुंच गई। महंगाई में इस बढ़ोतरी का असर खास तौर पर उन परिवारों पर पड़ सकता है, जिनकी आय का बड़ा हिस्सा रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च होता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई का ज्यादा असर
सितंबर के आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई दर 6.08 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 4.88 प्रतिशत रही। खाद्य महंगाई के मामले में भी ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण रही। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 8.06 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 7.18 प्रतिशत दर्ज की गई। देशभर में खाद्य महंगाई की दर 7.74 प्रतिशत रही।
प्याज की कीमतों में 108 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी
सितंबर में जिन वस्तुओं की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल दर्ज किया गया, उनमें प्याज प्रमुख रहा। आंकड़ों के अनुसार, प्याज की कीमतों में सालाना आधार पर 108.09 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अगस्त में प्याज की महंगाई दर 48.78 प्रतिशत थी।
इसके अलावा, चांदी के आभूषणों की महंगाई दर 87.80 प्रतिशत दर्ज की गई। अदरक की कीमतों में 62.85 प्रतिशत और लहसुन की कीमतों में 54.62 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज हुई। अगस्त में लहसुन की महंगाई दर 43.60 प्रतिशत थी। वहीं, नींबू की कीमतों में भी 36.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
आलू और टमाटर की कीमतों में राहत
जहां कई खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी देखने को मिली, वहीं कुछ उत्पादों के दामों में गिरावट भी दर्ज की गई। सितंबर में आलू की कीमतें पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 11.50 प्रतिशत कम रहीं। टमाटर की कीमतों में भी सालाना आधार पर 8.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मोटर कार, जीप, भिंडी और नारियल की कीमतों में भी मुद्रास्फीति नकारात्मक रही।
देशभर के बाजारों से जुटाए गए आंकड़े
मंत्रालय के अनुसार, सितंबर 2026 के महंगाई आंकड़े तैयार करने के लिए देश के 1,407 शहरी बाजारों और विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 1,465 गांवों से कीमतों से संबंधित आंकड़े एकत्र किए गए। मंत्रालय ने बताया कि सितंबर के दौरान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आंकड़े जुटाने की प्रतिक्रिया दर 100 प्रतिशत रही।
खुदरा महंगाई में बढ़ोतरी ऐसे समय में दर्ज की गई है, जब देश में त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी का असर आम लोगों की खरीदारी और घरेलू बजट पर पड़ सकता है।













