नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने सोमवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा स्वीकार करने की अपील की। पूनावाला के इस्तीफे की चर्चा पिछले कुछ समय से चल रही थी, लेकिन अब उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपना निर्णय सार्वजनिक कर दिया है।
शहजाद पूनावाला ने जारी किया इस्तीफा पत्र
शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना इस्तीफा पत्र साझा किया। उन्होंने बताया कि इससे पहले 30 जुलाई 2026 को उन्होंने आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला देते हुए बीजेपी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की पेशकश की थी।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने उस समय उनका इस्तीफा तत्काल स्वीकार नहीं किया और उनसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श और गंभीर मनन किया।
‘मैंने अंतिम निर्णय लिया है’
पूनावाला ने अपने पत्र में कहा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं और उनके द्वारा पार्टी नेतृत्व को बताई गई परिस्थितियों के बाद उन्होंने अपने पहले फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि वह बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद और पार्टी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से मुक्त होना चाहते हैं।
पीएम मोदी, अमित शाह और पार्टी नेतृत्व का जताया आभार
इस्तीफे के पत्र में शहजाद पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में पार्टी ने उन्हें जो मंच और अवसर दिए, उनके लिए वह नेतृत्व के प्रति कृतज्ञता, स्नेह और सम्मान रखते हैं।
निजी क्षेत्र में जाने की तैयारी
शहजाद पूनावाला ने अपने अगले कदम के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अत्यावश्यक आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण वह अब निजी क्षेत्र (Private Sector) में प्रवेश करेंगे।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी से पद और सदस्यता छोड़ने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के दृष्टिकोण एवं कार्यों का जहां संभव होगा, समर्थन करते रहेंगे।
‘पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, विचार और व्यक्ति नहीं’
शहजाद पूनावाला ने अपने इस्तीफे की सबसे अहम बात रखते हुए कहा कि वह “पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहे हैं, लेकिन विचार और व्यक्ति नहीं।”
उनके इस बयान को बीजेपी से उनके औपचारिक अलगाव के बावजूद पार्टी की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उनके समर्थन के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।












