देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्वाचन कार्यों के लिए तैनात नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों के साथ बैठक कर समयबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। जनपद की 10 विधानसभा सीटों के लिए कुल 2,045 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। वहीं, फरवरी में 65 पोलिंग स्टेशनों पर बर्फबारी की आशंका को देखते हुए प्रशासन अभी से आकस्मिकता योजना तैयार करेगा।
देहरादून में 2,045 पोलिंग बूथ, ग्रामीण क्षेत्रों में 766 केंद्र
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चुनाव संबंधी कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी के अनुसार, जनपद के 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 2,045 पोलिंग बूथ निर्धारित किए गए हैं। इनमें 766 बूथ ग्रामीण और 1,279 बूथ शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं।
उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, रैंप, शेड और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पोलिंग स्टेशनों के नामों का सत्यापन करने और चार से पांच बूथ वाले केंद्रों पर मतदाताओं के प्रवेश तथा निकास के लिए अलग-अलग मार्गों की व्यवस्था करने को कहा गया।
मसूरी और चकराता के 19 पोलिंग स्टेशन नेटवर्क से दूर
निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि जनपद के 19 पोलिंग स्टेशन अभी भी नेटवर्क शैडो एरिया में हैं। इनमें मसूरी क्षेत्र के सात और चकराता क्षेत्र के 12 पोलिंग स्टेशन शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। निर्वाचन के दौरान संचार व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए समय रहते प्रभावी समाधान निकालने पर जोर दिया गया।
65 पोलिंग स्टेशनों पर बर्फबारी की चुनौती, बनेगा कंटीजेंसी प्लान
फरवरी महीने में जनपद के 65 पोलिंग स्टेशनों पर बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के लिए पहले से आकस्मिकता योजना यानी कंटीजेंसी प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इस योजना का उद्देश्य खराब मौसम और बर्फबारी के कारण निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाएं प्रभावित होने से बचाना है। प्रशासन ने अधिकारियों को संभावित चुनौतियों का आकलन कर समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।
अंतरराज्यीय सीमाओं पर बढ़ेगी निगरानी, नकदी और शराब की तस्करी पर नजर
विधानसभा चुनाव के दौरान धनबल और शराब के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए प्रशासन अंतरराज्यीय सीमाओं पर निगरानी बढ़ाएगा। जिलाधिकारी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकपोस्ट स्थापित करने और फ्लाइंग स्क्वॉड टीम (FST) तथा वीडियो सर्विलांस टीम (VST) के गठन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
देहरादून की सीमाएं हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर तथा उत्तराखंड के चार अन्य जनपदों से लगती हैं। ऐसे में सीमावर्ती इलाकों में नकदी और शराब की अवैध आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा। गठित टीमों को प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया।
देहरादून में 11.94 लाख से अधिक मतदाता, बुजुर्गों और दिव्यांगों पर विशेष ध्यान
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद देहरादून जनपद में कुल 11,94,797 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 6,17,041 पुरुष, 5,77,706 महिलाएं और 50 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
जनपद में 10,201 दिव्यांग मतदाता और 85 वर्ष से अधिक आयु के 7,845 मतदाता हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बुजुर्ग मतदाताओं के लिए होम वोटिंग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं समय रहते उपलब्ध कराई जाएं।
मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर, स्वयंसेवक, डोली और पालकी जैसी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रहे।
50 प्रतिशत से कम मतदान वाले बूथों पर चलेगा जागरूकता अभियान
जिले में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (SVEEP) कार्यक्रम के तहत विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने 50 प्रतिशत से कम मतदान वाले बूथों को चिह्नित कर वहां मतदाता जागरूकता गतिविधियां तेज करने के निर्देश दिए।
ऐसे मतदान केंद्रों की भी पहचान की जाएगी, जहां पुरुषों या महिलाओं का मतदान प्रतिशत कम रहा है। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं का प्रारूप-6 के माध्यम से मतदाता पंजीकरण कराने और उनके मतदाता पहचान पत्र बनवाने पर जोर दिया गया।
निर्वाचन ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों, पीआरडी जवानों, वाहन चालकों, सफाई कर्मचारियों और अन्य कार्मिकों के मतदान की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, बुक्सा जनजाति के 40 गांवों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर शत-प्रतिशत मतदान के लिए प्रयास किए जाएंगे।
निर्वाचन कार्मिकों का डेटाबेस तैयार करने के निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं के लिए निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी करने और सेक्टर अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही निर्वाचन कार्मिकों का डेटाबेस तैयार कर उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन करने और अपनी जिम्मेदारियों का पारदर्शिता एवं गंभीरता से निर्वहन करने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित वर्चुअल माध्यम से जुड़े उप जिलाधिकारी और निर्वाचन कार्यों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।














