देहरादून: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी हलचल तेज होने लगी है। नेताओं के दल-बदल और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं के बीच कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के पूर्व विधायक यशपाल बेनाम उनके संपर्क में हैं और दोनों के बीच दो-तीन बार बातचीत भी हो चुकी है। हरक सिंह रावत के इस बयान के बाद यशपाल बेनाम के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है।
बीजेपी से इस्तीफे के बाद यशपाल बेनाम के अगले कदम पर नजर
दरअसल, कुछ दिन पहले ही पूर्व विधायक यशपाल बेनाम ने वीडियो जारी कर बीजेपी से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उनके इस्तीफे के बाद से ही उत्तराखंड की राजनीति में उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। अब हरक सिंह रावत के बयान ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।
हालांकि, अभी तक यशपाल बेनाम के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
यशपाल बेनाम को बताया छोटा भाई, बीजेपी पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने यशपाल बेनाम को अपना छोटा भाई बताते हुए बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में बीजेपी में ऐसे नेताओं को शामिल किया गया, जिनका अपने क्षेत्र में खास जनाधार नहीं है।
हरक सिंह रावत ने कहा कि नेता उसी राजनीतिक दल में जाना पसंद करते हैं, जहां उन्हें अपना राजनीतिक भविष्य बेहतर दिखाई देता है। उनके इस बयान को उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बदलते राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी के बाद बढ़ी चर्चाएं
इससे पहले बीजेपी के पूर्व नेता रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी भी राजनीतिक चर्चाओं में रही थी। अब यशपाल बेनाम को लेकर हरक सिंह रावत के दावे के बाद एक बार फिर उत्तराखंड में दल-बदल की राजनीति को लेकर बहस तेज हो गई है।
विधानसभा चुनाव 2027 से पहले क्या बदलेंगे राजनीतिक समीकरण?
उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही अपने संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटी हैं। ऐसे में राजनीतिक नेताओं की आवाजाही और संभावित दल-बदल चुनाव से पहले सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।
फिलहाल यशपाल बेनाम के कांग्रेस में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि हरक सिंह रावत के दावे के बाद आगे क्या राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता है और क्या यशपाल बेनाम भविष्य में कांग्रेस का दामन थामते हैं।













