समय रहते बची महिला पुलिसकर्मी
जानकारी के अनुसार, तहसील चौक पर महिला कांस्टेबल रेशमा पिछले कई दिनों से ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले विक्रम चालकों पर कार्रवाई कर रही थीं। तीन नवंबर को उन्होंने विक्रम संख्या UK07-TC-1742 को नो पार्किंग से हटवाया था। इसी बात से नाराज चालक ने जाते-जाते उन्हें धमकी दी।
अगले दिन यानी 4 नवंबर को वही चालक फिर मौके पर पहुंचा और विक्रम को रेशमा की ओर तेजी से बढ़ा दिया। सतर्कता दिखाते हुए रेशमा ने तुरंत पीछे हटकर अपनी जान बचाई। अन्य पुलिसकर्मियों ने आरोपी को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह ने बताया कि आरोपी चालक की पहचान हो चुकी है और शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा—
“महिला कर्मियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस से दुर्व्यवहार या जान से मारने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
शहर कोतवाल प्रदीप पंत ने भी पुष्टि की कि आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ट्रैफिक पुलिस की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि देहरादून जैसे शहरों में ट्रैफिक पुलिस को ड्यूटी के दौरान कितनी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने वाले कर्मियों पर ऐसे हमले यह दिखाते हैं कि कानून व्यवस्था बनाए रखना कितना जोखिम भरा काम बन चुका है, खासकर महिला पुलिसकर्मियों के लिए।












