उत्तराखंड सर्किल में कार्यरत पोस्टमैनों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर नेशनल यूनियन ऑफ पोस्टल इम्प्लाइज के सेक्रेटरी जनरल को एक पत्र भेजा गया है। इस पत्र में पोस्टमैनों के साथ हो रही परेशानियों और कार्य व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों को उठाते हुए समाधान की मांग की गई है।
जनरल सेक्रेटरी विजेंद्र रावत ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से भिन्न हैं, इसके बावजूद विभाग द्वारा बिना सर्वे कराए आई.डी.सी. सेंटर बना दिए गए हैं। इससे पोस्टमैनों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
साथ ही उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बनाए गए आईडीसी सेंटरों में पोस्टमैनों को किसी भी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है। सभी कर्मचारी अपनी डाक की छंटाई स्वयं करते हैं। संसाधनों की कमी के कारण कई बार उन्हें 40 से 50 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे डाक का वितरण समय पर नहीं हो पा रहा है।जिस कारण भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विभाग द्वारा 15 मई 2025 से अब तक पोस्टमैनों को तेल और फोन रिचार्ज का पैसा नहीं दिया गया है, जबकि बैंक का विवरण पहले से उपलब्ध है। कर्मचारियों ने इस बकाया भुगतान को जल्द जारी करने की मांग की है।
डिफेन्स, अजबपुर, एस.बी.आई. और हेडक्वार्टर जैसे क्षेत्रों में कार्यक्षेत्र बहुत अधिक है। ऐसे में वहां अतिरिक्त पोस्टमैन की आवश्यकता है। इसलिए इन क्षेत्रों में पोस्टमैन की व्यवस्था करे।
पोस्टमैनों का कहना है कि बीटों का कोई तय मानक नहीं होने के कारण अधिकारियों द्वारा उन्हें बार-बार बदला जा रहा है। इससे कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
साथ ही उन्होंने कहा कि लंबे समय से मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं किया गया है।तो विभाग इन बिलों की शीघ्र निस्तारण करे।
डाक की शार्टिंग के लिए पोस्टमैनों को सुबह 7:30 बजे बुलाया जाता है, जिससे कर्मचारियों को काफी परेशानी होती है।
इसके अलावा सी.एल. या ई.एल. लेने पर भी छुट्टी नहीं मिलती और आकस्मिक व्यवस्था न होने के कारण कर्मचारियों को काम करना पड़ता है।
जब कोई पोस्टमैन छुट्टी पर जाता है तो उसकी बीट को तोड़ दिया जाता है, जिससे कर्मचारियों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है।












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