देहरादून, Dehradun में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी Sav in Bansal के निर्देशों के अनुपालन में नगर मजिस्ट्रेट Pratyush Singh और उप जिलाधिकारी सदर Harigiri ने शनिवार को जनपद स्थित अमरदीप गैस एजेंसी और सत्यशील गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने एजेंसियों में उपभोक्ताओं की मांग, वितरण व्यवस्था, बैकलॉग और उपलब्ध गैस स्टॉक की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान गैस लेने पहुंचे उपभोक्ताओं की समस्याएं भी सुनी गईं और कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि जनपद में एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए घबराने या अनावश्यक रूप से गैस जमा करने की जरूरत नहीं है।
ओटीपी साझा न करने की दी गई सलाह
नगर मजिस्ट्रेट और एसडीएम ने उपभोक्ताओं को जागरूक करते हुए कहा कि गैस डिलिवरी से संबंधित ओटीपी नंबर किसी भी व्यक्ति को फोन पर साझा न करें। गैस सिलेंडर की होम डिलिवरी के समय ही डिलिवरी मैन को ओटीपी नंबर दिया जाए। साथ ही गैस एजेंसी संचालकों को निर्देशित किया गया कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति केवल होम डिलिवरी के माध्यम से ही सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा एजेंसी परिसर में उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए बड़े फ्लेक्स बोर्ड लगाकर जरूरी जानकारी प्रदर्शित करने और ग्राहकों से विनम्र व्यवहार करने के भी निर्देश दिए गए।
डिलिवरी में अनियमितता की शिकायतें
अमरदीप गैस एजेंसी के निरीक्षण के दौरान कई उपभोक्ताओं ने गैस डिलिवरी में अनियमितता की शिकायत की।
बड़ोवाला निवासी अरुण खरबंदा और आशुतोषनगर अमृत विहार के जितेंद्र अरोड़ा ने बताया कि डिलिवरी मैन ने फोन पर ओटीपी नंबर मांगा और ओटीपी देने के बाद गैस डिलिवरी का मैसेज तो आ गया, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिला।
इसी तरह खुड़बुड़ा निवासी पंकज ठाकुर ने बताया कि उनके खाते में 6 फरवरी को गैस डिलिवरी दर्शाई गई है, जबकि उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। वहीं सेलाकुई के बहादुर रोड निवासी रविंद्र ने भी शिकायत की कि 3 मार्च को गैस डिलिवरी दिख रही है, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिला और अब दोबारा बुकिंग 25 दिन बाद करने की बात कही जा रही है।
इन शिकायतों के संबंध में जब एजेंसी के सुपरवाइजर से जवाब मांगा गया तो वे संतोषजनक उत्तर देने में असमर्थ रहे। इस पर नगर मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर ने पूर्ति निरीक्षक को संबंधित सुपरवाइजर और डिलिवरी मैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
अस्पतालों में गैस की कमी की शिकायतों पर बैठक
इधर, दून मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय की मैस में गैस सिलेंडर की किल्लत की शिकायतों को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया। नगर मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर ने मुख्य चिकित्साधिकारी, दून मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और जिला पूर्ति अधिकारी के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।
बैठक में बताया गया कि संस्थानों में गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता है। जानकारी के अनुसार दून मेडिकल कॉलेज में प्रतिमाह 30 सिलेंडर, गांधी शताब्दी चिकित्सालय में 8, जिला चिकित्सालय में 8, इंदिरेश अस्पताल में 12 और चकशाह नगर ट्रेनिंग सेंटर में 8 सिलेंडर प्रतिमाह खपत होती है, और जरूरत के अनुसार पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, दून मेडिकल कॉलेज से डॉ. बबली और कोरोनेशन अस्पताल से डॉ. नौटियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।











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