देहरादून : Narendra Modi के 14 अप्रैल को प्रस्तावित देहरादून दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इस दौरान प्रधानमंत्री दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस हाईवे का लोकार्पण भी करेंगे, जिसे उत्तर भारत के लिए एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्धि माना जा रहा है।
DM की हाई लेवल बैठक, अधिकारियों को सख्त निर्देश
जिलाधिकारी सविन बंसल ने जोनल मजिस्ट्रेटों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर सभी तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि—
- सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें
- सेक्टर और नोडल अधिकारियों को पूरी तरह ब्रीफ किया जाए
- अंतिम समय तक सतर्कता और समन्वय बनाए रखा जाए
Delhi-Dehradun Expressway का लोकार्पण, खास तैयारी
National Highways Authority of India (NHAI) के माध्यम से होने वाले इस लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर—
- मंच (डाइस) प्लान तैयार
- साउंड सिस्टम, LED, एंकरिंग की व्यवस्था
- मिनट-टू-मिनट प्रोग्राम फाइनल
प्रधानमंत्री का यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड और दिल्ली के बीच यात्रा समय को काफी कम करेगा।
सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य, सभी विभागों को निर्देश
डीएम ने लोक निर्माण विभाग, यूपीसीएल, पेयजल सहित सभी विभागों को निर्देश दिए कि—
- सभी व्यवस्थाओं का सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से जारी करें
- बिजली, पानी, सड़क, सुरक्षा जैसी बेसिक सुविधाएं पूरी तरह दुरुस्त हों
सुरक्षा और मेडिकल व्यवस्था हाई लेवल पर
कार्यक्रम स्थल पर—
- एंबुलेंस और इमरजेंसी मेडिकल टीम तैनात
- मोबाइल टॉयलेट, पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्था
- पार्किंग और वीआईपी मूवमेंट प्लान तैयार
रूट प्लान: आशारोड़ी से गढ़ीकैंट तक सख्त निगरानी
प्रधानमंत्री के रूट को 13 जोन में विभाजित किया गया है।
हर जोन में—
- जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात
- सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण की विशेष व्यवस्था
साथ ही—
- जॉलीग्रांट एयरपोर्ट
- जीटीसी हेलीपैड
पर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
UP के सहारनपुर से भी जुड़ेगा कार्यक्रम
बताया गया है कि प्रधानमंत्री 14 अप्रैल को सहारनपुर (गणेशपुर) से एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे, जबकि देहरादून में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री के इस दौरे को लेकर देहरादून में प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। सुरक्षा से लेकर सुविधाओं तक हर पहलू पर बारीकी से काम किया गया है। यह दौरा न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए विकास के नए द्वार खोल सकता है।













