Char Dham Yatra 2026: अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर आज से चारधाम यात्रा 2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया है।
सुबह से ही हजारों श्रद्धालु उत्तराखंड के पवित्र धामों की ओर उमड़ पड़े हैं। सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा की शुरुआत हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया।
कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त और भव्य सजावट
आज दोपहर 12:15 बजे गंगोत्री मंदिर और 12:35 बजे यमुनोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इस अवसर पर मंदिरों को कई क्विंटल फूलों से सजाया गया, जिससे धामों की भव्यता देखते ही बन रही थी।
वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालुओं ने दर्शन का लाभ लिया।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए हाईटेक इंतजाम
चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। यात्रा मार्ग को सुपरजोन, जोन और सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
- 6 थाने, 9 पुलिस चौकियां और 12 पर्यटन पुलिस केंद्र सक्रिय
- सैकड़ों पुलिसकर्मी, महिला कांस्टेबल, होमगार्ड और पीआरडी जवान तैनात
- एसडीआरएफ, फायर सर्विस, एटीएस और बम निरोधक दस्ते अलर्ट मोड में
- हर धाम में खोया-पाया केंद्र स्थापित
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव देना है।
स्वास्थ्य सेवाएं भी पूरी तरह तैयार
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी व्यापक इंतजाम किए हैं।
- गंगोत्री, यमुनोत्री, जानकीचट्टी और बड़कोट में विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात
- स्क्रीनिंग प्वाइंट पर मेडिकल टीम और स्वास्थ्य कर्मी 24 घंटे ड्यूटी पर
- आपात स्थिति के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था
मां यमुना की डोली यात्रा: भावनाओं से भरा दृश्य
खरशाली गांव से मां यमुना की उत्सव डोली पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई। ढोल-नगाड़ों, जयकारों और मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने नम आंखों से अपनी देवी को विदा किया।
यह डोली यात्रा स्थानीय संस्कृति और आस्था का जीवंत उदाहरण है।
मुखबा से गंगोत्री के लिए मां गंगा की विदाई
मुखबा गांव से मां गंगा की भोगमूर्ति डोली अभिजीत मुहूर्त में गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई।
ग्रामीणों ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां गंगा को छह महीने के प्रवास के लिए विदा किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
भारी भीड़ की संभावना, प्रशासन अलर्ट
चारधाम यात्रा के शुरू होते ही आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना है।
प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार की है।













