देहरादून : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब भारत में साफ दिखाई देने लगा है। देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पिछले 10 दिनों में चौथी बार पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में इजाफा कर दिया है, जिससे आम लोगों की जेब पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
ताजा बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीज़ल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। समाचार एजेंसी PTI के अनुसार पेट्रोल में 2.61 रुपये और डीज़ल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
महानगरों में भी बढ़ी तेल कीमतें
देश के अन्य बड़े शहरों में भी पेट्रोल-डीज़ल के दामों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया।
- मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर हो गई।
- चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
डीज़ल की कीमतों में भी सभी महानगरों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिसका असर अब परिवहन और जरूरी वस्तुओं की लागत पर पड़ने लगा है।
10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम
मई महीने में तेल कंपनियों ने लगातार कई बार कीमतों में इजाफा किया है।
- 15 मई को पहली बार करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई।
- इसके बाद 19 मई और 23 मई को भी दाम बढ़ाए गए।
- अब चौथी बार कीमतों में फिर उछाल आया है।
चारों बढ़ोतरी को मिलाकर अब तक पेट्रोल लगभग 7.41 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 7.51 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है।
चुनाव खत्म होते ही बढ़ी महंगाई
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों और घाटे की भरपाई के लिए ईंधन दरों में लगातार बढ़ोतरी शुरू कर दी है।
मध्य पूर्व संकट के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है।
आम आदमी पर बढ़ेगा असर
लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीज़ल कीमतों का असर अब सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। परिवहन महंगा होने से खाद्य पदार्थों, सब्जियों, दूध और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इससे आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है।












