नई दिल्ली। अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ (Satluj) को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब इस मामले में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिलजीत दोसांझ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि फिल्म में इतिहास को गलत तरीके से पेश किया गया है और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया है। साथ ही उन्होंने फिल्म की फंडिंग और विदेश में दिलजीत की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए।
फिल्म की फंडिंग और सुरक्षा पर उठाए सवाल
रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया कि ‘सतलुज’ में स्वयं दिलजीत दोसांझ का निवेश है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म को लेकर पहले सेंसर बोर्ड के साथ विवाद का माहौल बनाया गया और बाद में फिल्म डाउनलोड करने जैसी बातें कही गईं।
इसके अलावा मंत्री ने दिलजीत के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने विदेश में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। बिट्टू ने कहा कि विदेश में सुरक्षित रहते हुए इस तरह के दावे करना कई सवाल खड़े करता है।
इतिहास को गलत तरीके से पेश करने का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को सही संदर्भ में नहीं दिखाया गया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह और मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि 31 अगस्त को बेअंत सिंह की हत्या हुई थी, जबकि 6 सितंबर को जसवंत सिंह खालड़ा की गिरफ्तारी हुई। उनके अनुसार, इन घटनाओं को फिल्म में जिस तरह प्रस्तुत किया गया है, वह वास्तविक इतिहास से मेल नहीं खाता।
क्या है ‘सतलुज’ विवाद?
दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘सतलुज’ 3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हुई थी। हालांकि रिलीज के कुछ ही दिनों बाद फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। इसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर बहस तेज हो गई।
यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित बताई जाती है। खालड़ा ने पंजाब में उग्रवाद के दौर के दौरान कथित अवैध हत्याओं और गुप्त अंतिम संस्कार से जुड़े मामलों को उजागर किया था।
फिलहाल क्या स्थिति है?
फिल्म को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने फिल्म की सामग्री और प्रस्तुति पर सवाल उठाए हैं। वहीं, इस संबंध में दिलजीत दोसांझ की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विवाद से जुड़े तथ्यों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।










