देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस ने किराए के कमरे में चल रहे कथित देह व्यापार के धंधे का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली पटेलनगर क्षेत्र के हरभजवाला स्थित नीलकंठ एनक्लेव में पुलिस ने छापेमारी कर तीन महिलाओं और तीन पुरुषों समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक नाबालिग लड़की को भी रेस्क्यू किया गया।
पुलिस के अनुसार, नाबालिग लड़की को मसूरी घुमाने के बहाने दिल्ली से देहरादून लाया गया था। आरोप है कि उसे कमरे में बंधक बनाकर देह व्यापार के लिए मजबूर करने का प्रयास किया गया। लड़की के विरोध करने पर उसे जबरन कमरे में रखा गया।
व्हाट्सऐप के जरिए ग्राहकों से किया जाता था संपर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मनीष कुमार लखेड़ा ने हरभजवाला स्थित नीलकंठ एनक्लेव में किराए पर कमरा लिया था। आरोप है कि वह दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से महिलाओं को बुलाकर देह व्यापार का संचालन कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, ग्राहकों से कथित तौर पर व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया जाता था। इसके बाद महिलाओं की तस्वीरें ग्राहकों को भेजी जाती थीं और उनकी पसंद के अनुसार महिलाओं को किराए के कमरे या ग्राहक द्वारा बताए गए स्थान पर भेजा जाता था।
पुलिस ने छापेमारी कर 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस को 1 अक्टूबर को हरभजवाला स्थित नीलकंठ एनक्लेव में देह व्यापार संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर कोतवाली पटेलनगर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। पुलिस को कमरे में तीन महिलाएं, एक नाबालिग लड़की और तीन पुरुष मिले।
पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री बरामद करने के साथ ही कथित तौर पर देह व्यापार से प्राप्त 18 हजार रुपये की नकदी भी बरामद की।
गिरफ्तार आरोपियों में मनीष कुमार लखेड़ा निवासी नीलकंठ एनक्लेव, हरभजवाला देहरादून, अभिषेक निवासी महावीर नगर दिल्ली, भानू उर्फ सिद्धान्त निवासी बड़ोवाला, आरकेडिया नगर देहरादून और दिल्ली निवासी तीन महिलाएं शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, मामले में कोतवाली पटेलनगर में बीएनएस की धारा 96/99/127(2)/3(5), पॉक्सो अधिनियम की धारा 14(5) तथा अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 3/4/5/11 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
कोतवाली पटेलनगर प्रभारी नरेश राठौर के मुताबिक, नाबालिग लड़की को आरोपी का साथी अभिषेक दिल्ली से मसूरी घुमाने के बहाने देहरादून लेकर आया था। पुलिस का कहना है कि कमरे में उस पर गलत काम के लिए दबाव बनाया गया और विरोध करने पर उसे बंधक बनाकर रखा गया। मामले में पुलिस की ओर से आगे की जांच की जा रही है।










