देहरादून। दीपावली के त्योहार पर उत्तराखंड की ग्रामीण महिलाएं स्वदेशी उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। देहरादून में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एक ओर स्वदेशी LED लड़ियों का निर्माण कर घरों को रोशन कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी मिलेट्स से तैयार गिफ्ट हैंपर के जरिए बाजार में अपनी पहचान बना रही हैं। दोनों महिला क्लस्टरों ने दीपावली के सीजन में लाखों रुपये का कारोबार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला उद्यमिता को मजबूती दी है।
1.30 लाख LED लड़ियों का ऑर्डर, 1.05 लाख की आपूर्ति पूरी
विकासखंड रायपुर के सोडा सरोली ग्रोथ सेंटर में दिव्य ज्योति क्लस्टर लेवल फेडरेशन की महिलाएं मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत स्वदेशी हिलान्स LED लड़ियों का निर्माण कर रही हैं। क्लस्टर को कुल 1 लाख 30 हजार LED लड़ियां तैयार करने का ऑर्डर मिला है।
सोडा सरोली और थानों न्याय पंचायत के ग्रोथ सेंटरों से जुड़ी करीब 350 महिलाएं घरों पर ही LED लड़ियां तैयार कर अपनी आजीविका को मजबूत कर रही हैं। क्लस्टर की अध्यक्ष ममता कोठियाल के अनुसार, अब तक 1 लाख 5 हजार लड़ियों की आपूर्ति पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष 25 हजार लड़ियों का निर्माण जारी है।
बाजार में LED लड़ियों का एक पैकेट करीब 120 रुपये में बिक रहा है, जबकि इसे तैयार करने में 70 से 80 रुपये तक की लागत आती है। प्रत्येक महिला को 100 पैकेट तैयार करने पर करीब 700 रुपये की आय प्राप्त हो रही है। स्वदेशी लड़ियों के निर्माण से महिलाएं चीनी उत्पादों के विकल्प के रूप में स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा दे रही हैं।
मिलेट्स गिफ्ट हैंपर से 18 लाख रुपये से अधिक की कमाई
विकासखंड विकासनगर के ग्राम सोरना डोभरी स्थित स्वाभिमान महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन की महिलाएं दीपावली और भैया दूज के लिए पहाड़ी मिलेट्स आधारित आकर्षक गिफ्ट हैंपर तैयार कर रही हैं।
इन हैंपर में हैंडमेड कुकीज, रागी हनी बिस्किट, फ्रूट एंड नट्स चॉकलेट, गुड़ मिल्क बिस्किट, रागी चॉकलेट, मंडुआ केक और मंडुआ चॉकलेट जैसे स्थानीय उत्पाद शामिल हैं। इनकी मांग विकासनगर के अलावा देहरादून, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल तक बढ़ रही है। ग्राहकों की पसंद के अनुसार अलग-अलग आकार और कीमतों में गिफ्ट हैंपर तैयार किए जा रहे हैं।
स्वाभिमान बेकरी यूनिट की सदस्य कल्पना बिष्ट ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) के सहयोग से बेकरी यूनिट की स्थापना की गई थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से सरकारी आयोजनों में स्टॉल लगाने के अवसर भी मिले।
इस दीपावली पर कई बड़े संस्थानों से गिफ्ट हैंपर के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। अब तक 2,000 से अधिक गिफ्ट हैंपर बेचकर 18 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित की जा चुकी है। बेकरी यूनिट के माध्यम से गांव की आठ अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है।
‘वोकल फॉर लोकल’ को मिल रही मजबूती
सहायक परियोजना निदेशक अनीता पंवार ने बताया कि दिव्य ज्योति और स्वाभिमान महिला क्लस्टर की महिलाएं त्योहार के अवसर पर पूरे उत्साह के साथ आजीविका संवर्धन के कार्यों में जुटी हैं। रायपुर की महिलाओं ने अब तक 1.05 लाख LED लड़ियों की आपूर्ति पूरी कर ली है, जबकि विकासनगर की महिलाएं पहाड़ी मिलेट्स से तैयार गिफ्ट हैंपर विभिन्न संस्थानों को उपलब्ध करा रही हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की बढ़ती मांग से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ लखपति दीदी बनने की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं।
दीपावली पर ग्रामीण महिलाओं की यह पहल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने, स्थानीय संसाधनों के उपयोग और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का उदाहरण बन रही है। LED लड़ियों की रोशनी और पहाड़ी मिलेट्स के स्वाद के साथ महिलाएं त्योहार की खुशियों में आत्मनिर्भरता का रंग भी भर रही हैं।













