Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित श्री हनुमंत कथा के दौरान उन्होंने इस मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया दान केवल धन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, “रावण ने तो केवल माता जानकी का हरण किया था, लेकिन जिन्होंने राम मंदिर के दान में चोरी की, उन्होंने करोड़ों लोगों की श्रद्धा और भरोसा चुरा लिया।”
‘भगवान का महादंड भी मिलेगा’
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जांच जारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच आगे बढ़ने पर यदि अन्य लोग भी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा, “जिसने भी भगवान राम के मंदिर में श्रद्धालुओं के दान में हाथ डाला है, उसे कानून की सजा तो मिलेगी ही, भगवान का महादंड भी मिलेगा।”
जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर रामजन्मभूमि कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच पहले एसआईटी द्वारा की गई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी।
पुलिस ने अब तक आठ लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें रमाशंकर यादव (टिन्नू), अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष यादव शामिल हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है, इसलिए आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान पात्र में जमा की गई राशि में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोप सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू हुई थी। एसआईटी की सिफारिश के बाद एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
नोट: यह मामला जांच के अधीन है। सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।










