भारत की Electric Cars Export Story: भारत से इलेक्ट्रिक कारों के निर्यात में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार उछाल देखने को मिला है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 के दौरान भारत से Electric Cars Export की कमाई बढ़कर करीब 369 मिलियन डॉलर पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह सिर्फ 22.2 मिलियन डॉलर थी। यानी एक साल में निर्यात मूल्य में करीब 16 गुना की जबरदस्त वृद्धि हुई है।
वहीं, भारत से विदेश भेजी गई इलेक्ट्रिक कारों की संख्या भी 1,309 यूनिट से बढ़कर 10,802 यूनिट हो गई। इस तेजी के साथ यूरोप भारतीय इलेक्ट्रिक कारों का सबसे बड़ा Export Market बनकर सामने आया है।
Electric Car Export में 16 गुना की बढ़ोतरी
भारत के Electric Vehicle (EV) सेक्टर के लिए वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही बेहद महत्वपूर्ण रही। अप्रैल से जून 2026 के बीच भारत ने बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक कारों को विदेशी बाजारों में भेजा।
पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जहां इलेक्ट्रिक कारों का निर्यात मूल्य 22.2 मिलियन डॉलर था, वहीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 369 मिलियन डॉलर हो गया।
इसी तरह Export Volume में भी भारी बढ़ोतरी हुई। इलेक्ट्रिक कारों की संख्या 1,309 यूनिट से बढ़कर 10,802 यूनिट हो गई।
Spain बना भारत की Electric Cars का सबसे बड़ा खरीदार
यूरोप में Spain भारतीय इलेक्ट्रिक कारों का सबसे बड़ा बाजार रहा। भारत ने पहली तिमाही में स्पेन को करीब 146.4 मिलियन डॉलर की Electric Cars Export कीं।
स्पेन को कुल 4,007 इलेक्ट्रिक कारें भेजी गईं। Export Value और Export Volume दोनों के लिहाज से Spain पहले स्थान पर रहा।
स्पेन का हिस्सा भारत के कुल Electric Car Export में करीब 40 फीसदी रहा, जो यूरोपीय बाजार में भारतीय EVs की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
UK को Electric Car Export में भी बड़ी छलांग
United Kingdom (UK) भारत से Electric Cars खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा बाजार रहा।
भारत ने पहली तिमाही में ब्रिटेन को करीब 78.7 मिलियन डॉलर की इलेक्ट्रिक कारें भेजीं। खास बात यह है कि पिछले साल इसी तिमाही में UK को केवल 1 इलेक्ट्रिक कार Export की गई थी, जबकि इस साल यह संख्या बढ़कर 2,646 यूनिट पहुंच गई।
यह बढ़ोतरी भारतीय Electric Vehicle Industry के लिए एक बड़ा संकेत मानी जा रही है।
Germany, Norway और Denmark में भी बढ़ी मांग
यूरोप के दूसरे देशों में भी Made in India Electric Cars की मांग बढ़ी है।
पहली तिमाही में भारत ने:
- Germany को करीब 25.1 मिलियन डॉलर की Electric Cars Export कीं।
- Norway को करीब 21.1 मिलियन डॉलर का निर्यात हुआ।
- Denmark को करीब 21 मिलियन डॉलर की इलेक्ट्रिक कारें भेजी गईं।
इसके अलावा Belgium, Netherlands, Greece, Italy, Sweden और Poland जैसे यूरोपीय देशों में भी भारतीय Electric Vehicles की पहुंच बढ़ी है।
Europe के बाहर भी भारतीय EVs की बढ़ रही मांग
भारतीय Electric Cars की मांग सिर्फ यूरोप तक सीमित नहीं रही। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भी भारत ने अपने Export Markets का विस्तार किया है।
Japan को करीब 13.4 मिलियन डॉलर, Israel को 2.8 मिलियन डॉलर और Australia को 2.7 मिलियन डॉलर की इलेक्ट्रिक कारें Export की गईं।
इसके अलावा Singapore, Taiwan और South Korea जैसे बाजारों में भी भारतीय Electric Cars पहुंची हैं।
वहीं पड़ोसी देश Nepal को करीब 8.1 मिलियन डॉलर की Electric Cars Export की गईं।
Latin America में भी खुल रहे नए बाजार
भारत की Electric Vehicle Industry के लिए Latin America भी एक नया और महत्वपूर्ण बाजार बन रहा है। पहली तिमाही में Brazil, Colombia, Chile और Costa Rica जैसे देशों में भी भारतीय इलेक्ट्रिक कारों की पहुंच बनी है।
इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में भारत का EV Export Network और बड़ा हो सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है भारत का Electric Car Export?
Electric Vehicle Industry में भारत तेजी से अपनी वैश्विक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। Export में आई यह तेजी भारतीय Automobile Industry और EV Manufacturing Sector के लिए महत्वपूर्ण है।
अगर विदेशी बाजारों में भारतीय इलेक्ट्रिक कारों की मांग इसी तरह बढ़ती रही तो इससे देश में EV Manufacturing, Auto Components और Electric Vehicle Supply Chain को भी फायदा मिल सकता है।
भारत के लिए क्या है बड़ा संकेत?
भारत से Electric Cars के Export में आया यह उछाल बताता है कि Made in India EVs अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं हैं। Europe समेत कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय इलेक्ट्रिक कारों के लिए जगह बन रही है।
आने वाले वर्षों में अगर भारत नए देशों में अपना EV Export बढ़ाने में सफल रहता है, तो देश Electric Vehicle Manufacturing और Global EV Supply Chain में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।












