Meta Connect 2026: मार्क जुकरबर्ग की कंपनी Meta ने अपने Connect 2026 इवेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। कंपनी ने AI को सिर्फ स्मार्टफोन और ऐप्स तक सीमित रखने के बजाय रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले हार्डवेयर तक पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी कड़ी में Meta ने कैमरा-फ्री Ray-Ban Meta Audio, Ray-Ban Meta Gen 3, नए Meta VR Glasses और Muse Charm जैसे डिवाइस पेश किए हैं।
Meta के नए प्रोडक्ट्स को देखकर कंपनी की रणनीति काफी हद तक स्पष्ट नजर आती है। AI से बातचीत, म्यूजिक, कॉलिंग, लाइव ट्रांसलेशन और दूसरे डिजिटल कामों के लिए हर बार स्मार्टफोन निकालने की जरूरत कम करने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, इन डिवाइस की उपलब्धता और वास्तविक उपयोग इस बात पर निर्भर करेगा कि यूजर्स इन्हें रोजमर्रा के कामों में कितना अपनाते हैं।
कैमरा-फ्री Ray-Ban Meta Audio की खासियत
Meta ने ऐसे स्मार्ट ग्लास भी पेश किए हैं जिनमें कैमरा नहीं दिया गया है। Ray-Ban Meta Audio को उन यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है जो स्मार्ट ग्लास का अनुभव चाहते हैं, लेकिन कैमरे से जुड़ी प्राइवेसी की चिंता नहीं चाहते।
इन ग्लासेस में स्पीकर और माइक्रोफोन दिए गए हैं। इनके जरिए म्यूजिक सुनने, फोन कॉल करने, लाइव ट्रांसलेशन और Meta AI के साथ बातचीत जैसे काम किए जा सकते हैं।
कैमरा नहीं होने का एक फायदा यह है कि इनसे फोटो या वीडियो रिकॉर्ड नहीं किया जा सकता। स्मार्ट ग्लास में कैमरा होने की वजह से आसपास मौजूद लोगों की प्राइवेसी को लेकर जो सवाल उठते हैं, उनसे यह डिवाइस अलग स्थिति पेश करता है।
कंपनी के मुताबिक, इन ग्लासेस का वजन करीब 43 ग्राम है और एक बार चार्ज करने पर इनकी बैटरी करीब 12 घंटे तक चल सकती है। चार्जिंग केस के साथ कुल बैटरी बैकअप करीब 48 घंटे बताया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 349 डॉलर रखी गई है और शिपिंग 13 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
Ray-Ban Meta Gen 3 में कैमरा और 3K वीडियो
Meta ने कैमरा वाले स्मार्ट ग्लास का नया वर्जन Ray-Ban Meta Gen 3 भी पेश किया है। इसमें 12MP कैमरा दिया गया है, जिसके जरिए 3K Ultra HD वीडियो रिकॉर्ड किया जा सकता है।
इसमें छह माइक्रोफोन का सेटअप मिलता है। कंपनी के अनुसार यह सिस्टम बैकग्राउंड नॉइज को 90 फीसदी से अधिक कम करने में मदद करता है। बैटरी बैकअप को भी पिछली पीढ़ी की तुलना में बढ़ाया गया है और कंपनी करीब 9 घंटे तक के इस्तेमाल का दावा कर रही है।
Ray-Ban Meta Gen 3 को Aviator, Zena और Wayfarer जैसे डिजाइन विकल्पों में पेश किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 449 डॉलर बताई गई है। इसमें Meta का नया Muse AI भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
भारी VR हेडसेट की जगह चश्मे जैसा Meta VR Glasses
Meta ने वर्चुअल रियलिटी के क्षेत्र में भी नया डिवाइस पेश किया है। Meta VR Glasses को पारंपरिक और भारी VR हेडसेट की तुलना में चश्मे जैसे डिजाइन के साथ तैयार किया गया है।
इस डिवाइस का वजन करीब 100 ग्राम बताया गया है और इसमें 5K microOLED डिस्प्ले दिया गया है। इसे एक छोटे कंप्यूटिंग puck से कनेक्ट करना होगा, जिसमें कंप्यूटिंग सिस्टम और बैटरी मौजूद होगी।
Meta के मुताबिक, इन ग्लासेस के जरिए यूजर्स बड़ी वर्चुअल स्क्रीन पर फिल्में देखने, गेम खेलने और एक साथ कई वर्चुअल स्क्रीन पर काम करने जैसे अनुभव हासिल कर सकेंगे। इसमें आंखों और हाथों के इशारों के जरिए कंट्रोल करने का विकल्प भी दिया जाएगा।
इस डिवाइस की कीमत 1,299.99 डॉलर बताई गई है और इसकी लॉन्चिंग 2027 के वसंत में प्रस्तावित है।
चाबी के साथ रखा जा सकेगा Muse Charm
Meta Connect 2026 में पेश किए गए डिवाइसों में Muse Charm सबसे छोटा और अलग तरह का प्रोडक्ट है। इसे इतना छोटा बनाया गया है कि यूजर इसे चाबी के साथ भी रख सकता है।
इस छोटे AI डिवाइस में माइक्रोफोन, स्पीकर, छोटा डिस्प्ले और फिंगरप्रिंट सेंसर दिए गए हैं। इसका मकसद AI तक पहुंच को और आसान बनाना है, ताकि हर छोटे सवाल या काम के लिए फोन निकालकर ऐप खोलने की जरूरत न पड़े।
Meta इसे केवल सवालों के जवाब देने वाले AI के तौर पर नहीं, बल्कि एक पर्सनल AI एजेंट के रूप में पेश कर रही है। कंपनी का फोकस ऐसे AI अनुभव पर है जो यूजर के रोजमर्रा के कामों में मदद कर सके।
फोन के बाद अब AI हार्डवेयर पर Meta का फोकस
Meta के इन नए डिवाइस से कंपनी की AI रणनीति का एक अहम पहलू सामने आता है। कंपनी AI को केवल स्मार्टफोन ऐप तक सीमित रखने के बजाय स्मार्ट ग्लास और छोटे पहनने या साथ रखने वाले डिवाइस के जरिए यूजर के करीब लाने की कोशिश कर रही है।
कैमरा-फ्री ग्लास प्राइवेसी को ध्यान में रखते हैं, जबकि Ray-Ban Meta Gen 3 कैमरा और AI फीचर्स के साथ ज्यादा एडवांस अनुभव देने की कोशिश करता है। दूसरी ओर Meta VR Glasses वर्चुअल स्क्रीन और इमर्सिव कंप्यूटिंग की दिशा में कंपनी का अगला कदम दिखाते हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसे डिवाइस भविष्य में स्मार्टफोन पर हमारी निर्भरता को वास्तव में कम कर पाएंगे? इसका जवाब इन प्रोडक्ट्स के बाजार में आने और यूजर्स के वास्तविक अनुभव के बाद ही साफ होगा।











