देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं को उद्योग की जरूरत के मुताबिक कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग और M3M Foundation के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के तहत प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण देने के साथ ही प्लेसमेंट और टिकाऊ आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की ओर से निदेशक (प्रशिक्षण) संजय कुमार और M3M Foundation की ओर से मैनेजिंग ट्रस्टी एवं प्रेसिडेंट डॉ. ऐश्वर्य महाजन ने MoU पर हस्ताक्षर किए।
चार शहरों में शुरू होंगे प्रशिक्षण केंद्र
MoU के शुरुआती चरण में देहरादून, हल्द्वानी, काशीपुर और पिथौरागढ़ में प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जाने की योजना है। परियोजना की जरूरत, स्थानीय परिस्थितियों और संभावित लाभार्थियों की उपलब्धता को देखते हुए अल्मोड़ा और बड़कोट को भी भविष्य में अतिरिक्त प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में शामिल किया जा सकता है।
प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्र पर स्थानीय उद्योगों की मांग और रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कम से कम दो पाठ्यक्रम संचालित किए जाने प्रस्तावित हैं।
EV से IoT और ऑटोमोबाइल तक प्रशिक्षण
इस पहल के तहत युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रस्तावित पाठ्यक्रमों में जूनियर टेक्नीशियन-इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), जूनियर टेक्नीशियन-ऑटो इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस, जूनियर टेक्नीशियन-ऑटोमोबाइल रिपेयर एंड मेंटेनेंस, जूनियर टेक्नीशियन-इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और जूनियर टेक्नीशियन-प्लंबिंग शामिल हैं।
पाठ्यक्रमों का चयन स्थानीय उद्योगों की मांग और युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को बदलती तकनीकी और औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
प्रशिक्षण के साथ प्लेसमेंट पर भी फोकस
इस साझेदारी में केवल प्रशिक्षण तक सीमित रहने के बजाय युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके लिए उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने, प्लेसमेंट के अवसर बढ़ाने और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं के रोजगार परिणामों की निगरानी करने की व्यवस्था पर काम किया जाएगा।
M3M Foundation की चेयरपर्सन एवं ट्रस्टी डॉ. पायल कनोडिया ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़ना इस साझेदारी का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग राज्य में कौशल विकास को अधिक उद्योग-केंद्रित, रोजगारपरक और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम में उप निदेशक सेवायोजन चंद्रकांता, उप निदेशक (प्रशिक्षण) निरंजन खुगशाल, प्रधानाचार्य श्रेणी-1 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान निरंजनपुर देहरादून दिनकर रौतेला, नोडल अधिकारी UKSDM विनीता बडोनी, M3M प्रतिनिधि अरविंद कुमार शर्मा समेत विभाग और प्रशिक्षण संस्थानों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।











