Haridwar News: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और सुचारु बनाने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा गुरुवार को जारी आदेश में कई उप जिलाधिकारियों (SDM) और प्रशासनिक अधिकारियों के दायित्वों में आंशिक बदलाव किए गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
प्रशासनिक स्तर पर हुए इस बदलाव को जिले में बेहतर कार्य संचालन, जनहित और प्रशासनिक मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है। शासन के निर्देशों के क्रम में यह फेरबदल किया गया है, जिससे विभिन्न विभागों और तहसीलों में कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
पी. आर. चौहान को पौड़ी किया गया कार्यमुक्त
जारी आदेश के अनुसार शासन के निर्देशों के तहत स्थानांतरित हुए अपर जिलाधिकारी प्रशासन पी. आर. चौहान को अपर जिलाधिकारी पौड़ी के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है। उनके स्थान पर उपजिलाधिकारी पद से पदोन्नत हुए जितेंद्र कुमार ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन का पदभार संभाल लिया है।
जितेंद्र कुमार की नियुक्ति को प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता के आधार पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिले में प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर यह बदलाव काफी अहम माना जा रहा है।
हरगिरि को मिला नगर मजिस्ट्रेट का अतिरिक्त दायित्व
जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में डिप्टी कलेक्टर मुख्यालय हरगिरि को नगर मजिस्ट्रेट का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। इसके साथ ही उन्हें अपर उप जिलाधिकारी रुड़की के पद से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
वहीं उप जिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी को अपर उप जिलाधिकारी रुड़की का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रशासनिक हलकों में इसे कार्यों के बेहतर समन्वय और प्रभावी निगरानी के लिए उठाया गया कदम माना जा रहा है।
योगेश सिंह मेहरा बने हरिद्वार के नए SDM
देहरादून से स्थानांतरित होकर आए योगेश सिंह मेहरा को उप जिलाधिकारी हरिद्वार नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का लाभ हरिद्वार प्रशासन को मिलेगा।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों के बेहतर संचालन, पारदर्शिता और जनहित को ध्यान में रखते हुए यह फेरबदल किया गया है। सभी अधिकारियों को नए दायित्व तत्काल प्रभाव से ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
हरिद्वार जिले में हुए इस प्रशासनिक फेरबदल को आगामी व्यवस्थाओं और प्रशासनिक चुनौतियों को देखते हुए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिले में लगातार बढ़ते कार्यभार और जनहित से जुड़े मामलों को तेज़ी से निपटाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर यह बदलाव किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में प्रशासनिक व्यवस्था में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं, ताकि विभिन्न विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाई जा सके।











