देहरादून। राजधानी देहरादून में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक श्री झण्डा जी मेले की तैयारियां पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ शुरू हो चुकी हैं। शुक्रवार को हरियाणा के अराईयांवाला में अराईयांवाला में श्री झण्डे जी का विधिवत आरोहण किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
दरबार दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने मेले की तैयारियों को लेकर मेला संचालन समिति को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि श्री झण्डा मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गुरु परंपरा, समर्पण और सेवा भावना की जीवंत अभिव्यक्ति है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
विशेष पूजा-अर्चना के बाद 100 सदस्यीय जत्था हुआ रवाना
शुक्रवार सुबह दरबार परिसर में श्री झण्डा साहिब की विशेष पूजा-अर्चना और अरदास संपन्न हुई। धार्मिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया। इसके पश्चात श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के नेतृत्व में 100 सदस्यीय जत्था अराईयांवाला के लिए रवाना हुआ।
सुबह 9 बजे देहरादून से चला जत्था दोपहर 12:10 बजे अराईयांवाला पहुंचा। परंपरा के अनुसार पुराने श्री झण्डे जी को पूरे सम्मान के साथ उतारा गया। इसके बाद दूध, दही, घी, मक्खन, गंगाजल और पंचगव्य से पवित्र स्नान कराकर 60 फीट ऊंचे नए श्री झण्डे जी का हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भव्य आरोहण किया गया।
इस दौरान श्रद्धालु गुरु महाराज के जयकारे लगाते रहे और अनेक श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नतमस्तक हुए। कार्यक्रम के उपरांत प्रसाद एवं लंगर का वितरण किया गया।
25 फरवरी से शुरू हुई परंपरागत पदयात्रा
परंपरा के अनुसार 25 फरवरी को श्री दरबार साहिब के पुजारी श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज का हुक्मनामा लेकर हरियाणा के बड़ागांव के लिए रवाना हुए थे। इसके पश्चात पैदल संगत देहरादून की ओर प्रस्थान करती है। यह पदयात्रा आस्था, अनुशासन और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है।
28 फरवरी को पैदल संगत का स्वागत सहसपुर स्थित श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल में किया जाएगा। 1 मार्च को संगत देहरादून में प्रवेश करेगी, जहां कांवली गांव में भव्य स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। दर्शनी गेट पर पुष्पवर्षा, बैंड-बाजों और जयकारों के साथ संगत का अभिनंदन होगा।
8 मार्च को देहरादून में होगा मुख्य आरोहण
मेला अधिकारी विजय गुलाटी के अनुसार, दरबार परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा, पुष्प सज्जा और भव्य प्रवेश द्वारों से सजाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात की विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
7 मार्च को परंपरा अनुसार पूरब की संगत की विदाई होगी और 8 मार्च को दरबार परिसर, देहरादून में श्री झण्डे जी के भव्य आरोहण के साथ मेले का विधिवत शुभारंभ होगा।
आस्था, सेवा और समरसता का प्रतीक
धार्मिक मान्यता के अनुसार श्री झण्डे जी गुरु परंपरा की अखंड ज्योति, त्याग, सेवा और मानवता के संदेश के प्रतीक हैं। श्रद्धालु मानते हैं कि झण्डे जी के दर्शन और सेवा से जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री झण्डा जी मेला आस्था, भक्ति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम बनेगा, जिससे पूरा देहरादून आध्यात्मिक उत्सव के रंग में रंग जाएगा।












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