देहरादून में सोमवार सुबह एक मामूली ओवरटेकिंग विवाद ने भयावह रूप ले लिया।
राजधानी के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मसूरी रोड के मालसी इलाके में दो कार सवारों के बीच शुरू हुई कहासुनी अचानक हिंसा में बदल गई।
बताया जा रहा है कि एक स्कॉर्पियो और दिल्ली नंबर की फॉर्च्यूनर कार के बीच रास्ता देने को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते फायरिंग तक पहुंच गया।
टायर पर निशाना, लेकिन चली गई निर्दोष की जान
प्राथमिक जांच के मुताबिक, स्कॉर्पियो सवार आरोपियों ने फॉर्च्यूनर कार को रोकने के इरादे से उसके टायरों पर गोलियां चलाईं।
इसी दौरान सड़क किनारे मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड आर्मी अफसर ब्रिगेडियर वीके जोशी को गोली लग गई।
उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
करीब 70 वर्षीय ब्रिगेडियर जोशी की मौत से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
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फायरिंग के बाद भी नहीं रुके आरोपी, की मारपीट
घटना के दौरान फॉर्च्यूनर कार अनियंत्रित होकर जोहड़ी गांव के पास एक पेड़ से टकरा गई।
इसके बाद स्कॉर्पियो सवार हमलावरों ने कार में मौजूद लोगों के साथ मारपीट भी की और वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया।
इस हमले में फॉर्च्यूनर सवार दो लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस एक्शन मोड में – नाकेबंदी और CCTV खंगाले जा रहे
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
प्रमेंद्र डोभाल के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।
पुलिस ने पूरे जिले में नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी है।
साथ ही, घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान जल्द हो सके।
एक विवाद, जिसने छीन ली एक फौजी की जिंदगी
रिटायर्ड ब्रिगेडियर वीके जोशी रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि सड़क पर चल रहा एक मामूली विवाद उनकी जिंदगी छीन लेगा।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क पर बढ़ती आक्रामकता और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।













