नैनीताल, उत्तराखंड: उत्तराखंड के नैनीताल से एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां जिला न्यायालय और कमिश्नरी के समीप रहने वाले नोटरी अधिवक्ता पूरन सिंह भाकुनी ने अपनी कार में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, पूरन सिंह भाकुनी (58 वर्ष) सोमवार सुबह अपनी कार में पीछे की सीट पर बैठे थे, जहां उन्होंने खुद को पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली मार ली। बताया जा रहा है कि वे जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में स्टैम्प वेंडर का कार्य भी करते थे और शहर में काफी समय से सक्रिय थे।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर स्थानीय अधिवक्ताओं की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि कार के डैशबोर्ड से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।
सुसाइड नोट में छलका दर्द:
सुसाइड नोट में पूरन सिंह भाकुनी ने अपनी गंभीर बीमारी का जिक्र करते हुए लिखा है कि वे पिछले एक वर्ष से शारीरिक और मानसिक रूप से काफी कमजोर हो चुके थे और लगातार संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने लिखा कि अब जीवन को आगे बढ़ाना उनके लिए असंभव हो गया था।
नोट में उन्होंने अपने परिजनों के मोबाइल नंबर भी लिखे हैं और विशेष रूप से अपनी पत्नी का ख्याल रखने की अपील की है। उन्होंने दीपक रावत समेत जिला प्रशासन के अधिकारियों और अपने मित्रों से अनुरोध किया है कि उनकी पत्नी को हिम्मत दें, ताकि वह कोई गलत कदम न उठाएं।
हाल ही में हुई थी शादी:
जानकारी के अनुसार, पूरन सिंह भाकुनी ने करीब 6 महीने पहले ही शादी की थी और वे निजी स्कूलों के समीप किराए के मकान में रह रहे थे। उनकी अचानक मौत से परिवार और परिचितों में गहरा शोक व्याप्त है।
जांच में जुटी पुलिस:
पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं, वहीं सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है ताकि घटना के पीछे के कारणों को पूरी तरह समझा जा सके।












