रुद्रपुर: उधम सिंह नगर जिले के पंतनगर क्षेत्र में करोड़ों रुपये के बैंक घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अपूर्व पाण्डेय की शिकायत पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रुद्रपुर ने थाना पंतनगर को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने कंपनी निदेशक विशाल सिंह, उनकी पत्नी स्वीटी सिंह, गीता शाह समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
आरोप है कि वर्ष 2016 में आरोपियों ने बैंक से विभिन्न खातों के माध्यम से करीब 77 करोड़ 8 लाख रुपये का लोन लिया था। यह ऋण प्लांट, मशीनरी और कार्यशील पूंजी के लिए स्वीकृत किया गया था।
लेकिन समय पर किस्तों का भुगतान न करने के चलते 23 जनवरी 2019 को खाते एनपीए घोषित कर दिए गए।
इसके बाद बैंक ने SARFAESI Act 2002 के तहत कार्रवाई करते हुए जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष वाद दायर किया। 7 नवंबर 2023 को डीएम ने बैंक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बंधक संपत्ति पर कब्जे की अनुमति दे दी।
साथ ही मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), इलाहाबाद में भी गया, जहां 3 जून 2024 को बैंक के पक्ष में निर्णय आया।
जब 11 जून 2024 को बैंक और IRP की टीम पंतनगर स्थित फैक्ट्री पहुंची, तो वहां से प्लांट, मशीनरी और अन्य बंधक संपत्ति गायब मिली। बैंक का आरोप है कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत संपत्ति को अवैध रूप से हटाकर गबन किया है।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, 16 अगस्त 2024 को थाना पंतनगर में शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत भेजी गई, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। अंततः कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया।
थाना पंतनगर के प्रभारी निरीक्षक नंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है।
वही दूसरी ओर रुद्रपुर में ही एक अन्य मामले में ट्रांसपोर्ट सेवा के नाम पर एक कारोबारी से धोखाधड़ी की गई है। पीड़ित राहुल चौहान ने कोतवाली रुद्रपुर में तहरीर दी है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूड़ी के अनुसार, दमन से माल मंगाने के लिए बुक किए गए ट्रक के नाम पर आरोपी ने करीब 1.5 लाख रुपये की ठगी की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।












