देहरादून, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, Dehradun के तत्वावधान में आगामी 09 मई 2026 को जनपद के मुख्यालय सहित सभी बाह्य न्यायालय परिसरों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत का उद्देश्य लंबित और प्री-लिटिगेशन वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित, सुलभ और सौहार्दपूर्ण निस्तारण करना है।
किन मामलों का होगा समाधान?
प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) Seema Dungarakoti ने बताया कि लोक अदालत में कई तरह के मामलों का निपटारा किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:
- दीवानी, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद
- चेक बाउंस के मामले
- वसूली एवं मोटर दुर्घटना दावे
- श्रम एवं उपभोक्ता फोरम से जुड़े मामले
- प्री-लिटिगेशन वाद
इसके साथ ही, मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत लंबित शमनीय चालानों का भी निस्तारण किया जाएगा, जिसमें निर्धारित शुल्क जमा कर बिना अतिरिक्त खर्च के मामले खत्म किए जा सकेंगे।
इन ट्रैफिक मामलों का होगा निपटारा
लोक अदालत में निम्न प्रकार के चालानों को शामिल किया जाएगा:
- तेज व खतरनाक ड्राइविंग
- बिना लाइसेंस, RC, बीमा या परमिट वाहन चलाना
- बिना हेलमेट/सीट बेल्ट
- ओवरलोडिंग, गलत तरीके से हॉर्न बजाना
- आपातकालीन वाहनों को रास्ता न देना
हालांकि, शराब पीकर वाहन चलाना और नाबालिग द्वारा वाहन चलाना जैसे मामलों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
क्या है खास?
- कोई न्यायालय शुल्क नहीं लगेगा
- पहले जमा शुल्क नियम अनुसार वापस मिलेगा
- निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा
- फैसले के खिलाफ अपील नहीं की जा सकेगी
इन जगहों के लोग उठा सकते हैं लाभ
देहरादून जनपद के अंतर्गत आने वाले Rishikesh, Vikasnagar, Doiwala, Chakrata और Mussoorie के न्यायालयों में लंबित वाद वाले नागरिक इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि 09 मई 2026 से पहले अपने संबंधित न्यायालय में राजीनामा दाखिल कर लोक अदालत के माध्यम से मामलों का त्वरित समाधान कराएं।
राष्ट्रीय लोक अदालत आम नागरिकों को सस्ता, सरल और तेजी से न्याय दिलाने का प्रभावी माध्यम है। यह पहल न्यायिक प्रक्रिया को आसान बनाते हुए लोगों को लंबे मुकदमों से राहत दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।












