देहरादून: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उत्तराखंड दौरे के दौरान एक ओर जहां देश को बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर सौगात दी, वहीं दूसरी ओर आस्था का भी विशेष संदेश दिया। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी मां डाट काली मंदिर में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की।
डाट काली मंदिर में विशेष पूजा
प्रधानमंत्री ने मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संकल्प पूजा की। इस दौरान उन्होंने कुछ मिनटों तक माता का ध्यान भी लगाया। बताया जा रहा है कि मंदिर में उन्होंने करीब 3-4 मिनट तक ध्यान लगाकर राष्ट्र के कल्याण की कामना की।
क्या था पीएम मोदी का संकल्प?
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित बिजेंद्र थपलियाल ने विशेष बातचीत में बताया कि पीएम मोदी की यह पूजा केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि एक संकल्प पूजा थी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने मां डाट काली के समक्ष पूरे राष्ट्र की खुशहाली, विकास और लोगों के स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया।
एक्सप्रेसवे से पहले आस्था का संदेश
इससे पहले पीएम मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया और 18 किलोमीटर लंबे वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण भी किया। यह कॉरिडोर पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
क्यों खास है डाट काली मंदिर?
पंडित थपलियाल के अनुसार, पहाड़ी परंपरा में किसी भी बड़े कार्य या निर्माण से पहले वहां के आराध्य देव (भूम्याल) की पूजा करना अनिवार्य माना जाता है।
डाट काली मंदिर इस पूरे क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी हैं, इसलिए हर शुभ कार्य से पहले यहां आकर पूजा करना एक परंपरा है।
पहले से थी तैयारी
मुख्य पुजारी ने बताया कि पीएम मोदी के दौरे की सूचना कुछ दिन पहले ही मिल गई थी। उसी के अनुसार पूजा की पूरी रूपरेखा तैयार की गई थी—जिसमें समय, विधि और पूजा सामग्री तक पहले से निर्धारित थी।
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