Share Market Closing Today: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेज उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। सप्ताह के कारोबारी सत्र में BSE Sensex और NSE Nifty दोनों लाल निशान में बंद हुए। आईटी सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली रही, जबकि फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया।
शुरुआती कारोबार में 400 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते निवेशकों की चिंता बढ़ गई। इसका असर बाजार खुलते ही देखने को मिला और सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 400 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 23,100 के स्तर के नीचे फिसल गया।
हालांकि दोपहर बाद बाजार में कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन अंत में दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।
बाजार बंद होने पर स्थिति
- BSE Sensex: 150.63 अंक (0.20%) की गिरावट के साथ 73,832.55 पर बंद
- NSE Nifty 50: 53.35 अंक (0.23%) गिरकर 23,161.60 पर बंद
IT Stocks में सबसे ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 21 शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। सबसे अधिक दबाव आईटी सेक्टर (IT Sector) पर रहा।
गिरावट वाले प्रमुख शेयर
- Infosys – 2.28% की गिरावट
- HCL Tech
- Tech Mahindra
- Adani Ports
- Hindustan Unilever
- Bajaj Finance
- Bharat Electronics (BEL)
- Larsen & Toubro (L&T)
- Trent
- Asian Paints
बढ़त वाले प्रमुख शेयर
- Mahindra & Mahindra (M&M)
- ICICI Bank
- Sun Pharma
- Bharti Airtel
- Reliance Industries
Broader Market भी रहा कमजोर
बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली।
प्रमुख इंडेक्स का प्रदर्शन
- Nifty Midcap: 0.61% की गिरावट
- Nifty Smallcap: 0.62% की गिरावट
Sectoral Indices का हाल
सेक्टोरल आधार पर देखें तो अधिकांश इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
सबसे ज्यादा गिरावट वाले सेक्टर
- Nifty IT – 2% से अधिक की गिरावट
- Nifty Consumer Durables
- Nifty Auto
- Nifty Chemicals
बढ़त वाले सेक्टर
- Nifty Pharma
- Nifty Healthcare
क्यों आई शेयर बाजार में गिरावट?
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार पर सबसे बड़ा दबाव पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का रहा। अमेरिका द्वारा ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को बातचीत के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन अब उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
Crude Oil Prices में तेज उछाल
भू-राजनीतिक संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई।
ताजा कीमतें
- Brent Crude: 1.72% बढ़कर 94.72 डॉलर प्रति बैरल
- WTI Crude: 2% बढ़कर 91.82 डॉलर प्रति बैरल
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर महंगाई, कंपनियों की लागत और निवेशकों की धारणा पर पड़ता है, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ जाता है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भारतीय शेयर बाजार की चाल को प्रभावित किया। आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी रहेगी।











