नई टिहरी। कल टिहरी गढ़वाल के थौलधार विकासखंड के सुल्याधार जंगल में भालू के हमले से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
भालू के लगातार हमलों के बाद जब गुस्साए ग्रामीणों ने घेराव किया तो अब जाकर वन विभाग नींद से जागा और भालू को मारने के आदेश दिए।
पूरा मामला:
गुरुवार को भालू ने एक वन दरोगा, ग्राम प्रधान युद्धवीर सिंह रावत और एक अन्य ग्रामीण पर घायल कर दिया।
कुछ समय पहले भी भालू ने एक महिला पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जो इस समय AIIMS ऋषिकेश में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
लगातार घटनाओं से लोगों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ गए। जिसके बाद, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जिला मुख्यालय पहुंचकर वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) पुनीत तोमर का घेराव किया और उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाए कि भालू की गतिविधियों की सूचना चार माह पहले ही वन विभाग को दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
तबादले की भी उठी मांग
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने डीएफओ के तबादले की मांग उठाई। उनका कहना था कि अधिकारी का रवैया जनता के प्रति सकारात्मक नहीं है और समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती।
वहीं इस पूरे मामले में डीएफओ टिहरी पुनीत तोमर ने उत्तराखंड ब्रॉडकास्ट को बताया कि, हमले से पहले भी लगातार टीमें गश्त कर रही थी और भालू को पकड़ने की कोशिश जारी थी। अब भालू को मारने के आदेश हो चुके हैं। इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जल्द से जल्द भालू को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ लिया जाएगा या जरूरी हुआ तो मार गिराया जाएगा।












