रिपोर्ट – नीरज उत्तराखंडी : उत्तरकाशी जिले में बुधवार देर रात दो अलग-अलग गांवों में हुए भीषण अग्निकांड से हड़कंप मच गया। मोरी प्रखंड के देवती गांव और भटवाड़ी तहसील के गोरसाली गांव में दो मंजिला आवासीय भवन आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर राख हो गए। दोनों घटनाओं में घरेलू सामान, नगदी, कपड़े और दैनिक उपयोग की वस्तुएं नष्ट हो गईं, जबकि गोरसाली गांव में दो पशुओं की जलकर मौत हो गई। राहत की बात यह रही कि किसी भी घटना में जनहानि नहीं हुई।
देवती गांव में रसोई से उठी चिंगारी ने मचाई तबाही
पहली घटना मोरी प्रखंड के देवती गांव में मंगलवार मध्यरात्रि करीब डेढ़ बजे हुई। जानकारी के अनुसार गांव निवासी कल्लू पुत्र पचीया के रसोई घर से उठी चिंगारी ने देखते ही देखते पूरे दो मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
रात के समय अचानक उठीं आग की लपटों को देखकर परिवार के लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बाल्टियों व अन्य साधनों से आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा मकान जलकर राख हो गया।
आग बुझाने के दौरान मकान मालिक कल्लू आंशिक रूप से झुलस गया। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम रात में ही मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
राजस्व निरीक्षक पंकज कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार को तत्काल अहेतुक सहायता राशि, राशन और कपड़े उपलब्ध करा दिए गए हैं। प्रशासन नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहा है।
गोरसाली गांव में शॉर्ट सर्किट से लगी आग
दूसरी घटना भटवाड़ी तहसील अंतर्गत ग्राम गोरसाली में सामने आई। ग्राम प्रधान द्वारा जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र को बुधवार तड़के करीब तीन बजे सूचना दी गई कि गांव में एक मकान में भीषण आग लग गई है।
जानकारी के अनुसार 27 मई की रात करीब 12 बजे देवेन्द्र सिंह पुत्र तारा सिंह रावत के दो मंजिला भवन में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया और घर में रखा घरेलू सामान, बर्तन, बिस्तर सहित अन्य सामग्री जलकर नष्ट हो गई।
इस हादसे में एक गाय और उसका बछड़ा भी आग की चपेट में आने से जिंदा नहीं बच सके। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से सुबह करीब चार बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि राजस्व विभाग विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
ग्रामीणों ने मांगी मुआवजा और पुनर्वास सहायता
दोनों घटनाओं के बाद प्रभावित गांवों में चिंता और दुख का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।












