ब्यूरो न्यूज़ उत्तराखंड ब्रॉडकास्ट
आज पूरे देश में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा हैं,लेकिन बीते दिनों हुई बहनों के साथ की कुछ हृदय विदारक घटनाओं के बीच त्यौहार पर हर जगह बहनों की सुरक्षा का मानना उठ रहा हैं।
उत्तराखंड में भी पिछले वर्ष एक ऐसी घटना हुई जिससे पूरे देश में बेटियों की सुरक्षा पर सरकार से सवाल करना शुरू हो चुका,पौड़ी की एक 19 वर्षीय अंकिता भंडारी जोकि एक रिसॉर्ट में काम करती थी उसकी भी हत्या कर दी गई थी,जिसमें आरोपी जेल में हैं इस मामले में एक वीआईपी का नाम हैं जो आज तक सामने नहीं आ सका हालांकि अंकिता की मां ने वीआईपी का नाम बताया वह भाजपा का संगठन मंत्री है जिसके बाद भाजपा सरकार पर कई सवाल उठे,लोगों ने कहा धामी सरकार बहन बेटियों की नहीं बल्कि अपने नेताओं कार्यकर्ताओं की ज्यादा चिंता करती हैं।
अब आज रक्षाबंधन पर फिर प्रदेश भर के युवा बहन अंकिता भंडारी को याद कर भावुक हो रहें,युवाओं का कहना हैं बहनों को राज्य में न्याय नहीं मिल रहा पहाड़ की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
इसी बीच उत्तराखंड बेरोजगार संघ के कुमाऊं संयोजक भूपेंद्र कोरंगा ने एक बड़ा बयान दिया हैं उनका कहना हैं कि त्यौहार बहनों का हैं लेकिन प्रदेश में बहनें सुरक्षित हैं ही नहीं और सरकार दोषियों का संरक्षण करती हैं ऐसे में पर्व मनाने का मन नहीं हैं,भूपेंद्र कोरंगा ने कहा कि पर्व पर बस का किराया फ्री करना महिला समूह को पैसा देना उपहार नहीं ये सरकार की जिम्मेदारी हैं लेकिन यदि मुख्यमंत्री सच में प्रदेश की बहनों को उपहार देना चाहते हैं तो बहनों की मांग माने और वीआईपी का नाम आज बहनों को अपने मुंह से बताएं दोषियों को जो संरक्षण राज्य में मिल रहा हैं उसपर बहनों से माफी मांगे,दोषियों को फांसी पर लटकाएं प्रदेश की बहनों के लिए यहीं सच्चा उपहार होगा,क्या धामी बहनों को रक्षाबंधन पर उपहार देना चाहते हैं।
आज हर कोई त्यौहार में व्यस्त हैं इसी बीच उस परिवार और अंकिता के भाई पर क्या बीत रहीं होगी यह सोच और कह पाना मुश्किल हैं।













