देहरादून: Labour Day के मौके पर उत्तराखंड के लाखों श्रमिकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में लागू की जा रही नई श्रम संहिताओं के तहत अब कर्मचारियों को पहले के मुकाबले कई अहम सुविधाएं जल्द मिलने वाली हैं।
राज्य सरकार ने केंद्र की चार प्रमुख श्रम संहिताओं—मजदूरी संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा संहिता—को अपनाने के बाद अब उनकी नियमावली को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
सबसे बड़ा बदलाव ग्रेच्युटी नियम में देखने को मिलेगा। अब तक कर्मचारियों को ग्रेच्युटी पाने के लिए 5 साल की सेवा पूरी करनी होती थी, लेकिन नए नियमों के तहत कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को सिर्फ 1 साल में ही ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकेगा।
इसके साथ ही पहली बार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी बॉय और राइडिंग पार्टनर) को भी PF (भविष्य निधि) और बीमा जैसी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
नई व्यवस्था में ये बड़े बदलाव भी देखने को मिलेंगे:
- सभी श्रमिकों के लिए एक समान न्यूनतम वेतन तय होगा
- वेतन का भुगतान डिजिटल माध्यम से समय पर किया जाएगा
- 40 साल से अधिक उम्र के श्रमिकों को हर साल फ्री हेल्थ चेकअप मिलेगा
- महिला कर्मचारी अब अपनी सहमति से नाइट शिफ्ट में काम कर सकेंगी, लेकिन उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी नियोक्ता की होगी
- कुल वेतन का 50% हिस्सा बेसिक सैलरी होगा, जिससे PF और ग्रेच्युटी फंड बढ़ेगा
श्रम विभाग के अनुसार, नियमावली के ड्राफ्ट पर सुझाव लेने के बाद इसे जल्द कैबिनेट में पेश किया जाएगा। इसके लागू होते ही राज्य के श्रमिकों को सीधे तौर पर बड़ा फायदा मिलेगा।













